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Engine Basic term

  इंजन किसी भी वाहन या मशीन का दिल (Heart) होता है। इसका मुख्य कार्य ईंधन (Fuel) की रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) को यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) में बदलना है, जिससे वाहन को गति मिलती है। यह प्रक्रिया Internal Combustion (आंतरिक दहन) कहलाती है।   यहाँ इंजन की संपूर्ण जानकारी (Complete Jankari) दी गई है: 1. इंजन का मुख्य कार्य (Primary Function) ऊर्जा रूपांतरण: पेट्रोल या डीजल को जलाकर गर्मी (Heat) पैदा करना और फिर उसे रोटेशनल पावर (Torque) में बदलना। शक्ति प्रदान करना: यह शक्ति पहियों (Wheels) को घुमाने के लिए गियरबॉक्स को भेजी जाती है। सहायक प्रणालियां: यह अन्य भागों (जैसे अल्टरनेटर) को घुमाकर बिजली भी उत्पन्न करता है।   2. फोर-स्ट्रोक इंजन की कार्यप्रणाली (How it Works - 4 Strokes) आधुनिक कारें मुख्य रूप से 4-स्ट्रोक इंजन का उपयोग करती हैं, जो इन चार चरणों में काम करता है ():  यह वीडियो एक 4-स्ट्रोक इंजन के कार्य करने के तरीके को समझाता है: इंटेक स्ट्रोक (Intake): पिस्टन नीचे जाता है, इनलेट वाल्व खुलता है, और हवा-ईंधन का मिश्रण (Air-Fuel Mixture) सि...

Single acting and double acting Engine with Ramesh sir

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  Single acting  और  double acting  इंजन में मुख्य अंतर यह है कि पिस्टन के किस तरफ गैस या फ्यूल का दबाव (force) काम कर रहा है ।   यहाँ इनका सरल विवरण दिया गया है: 1. Single Acting Engine इस इंजन में वर्किंग फ्लुइड (जैसे पेट्रोल, डीजल या गैस) पिस्टन के  केवल एक ही तरफ  काम करता है।   काम करने का तरीका : पावर स्ट्रोक के दौरान फ्यूल का दबाव पिस्टन को एक ही दिशा में धकेलता है। पिस्टन को वापस अपनी पुरानी जगह लाने के लिए  गुरुत्वाकर्षण (gravity) ,  स्प्रिंग , या  फ्लाईव्हील (flywheel)  की ऊर्जा का इस्तेमाल होता है। उदाहरण : कार, मोटरसाइकिल और लगभग सभी आम गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) सिंगल एक्टिंग होते हैं।   2. Double Acting Engine इसमें वर्किंग फ्लुइड पिस्टन के  दोनों तरफ (बारी-बारी से)  काम करता है।   काम करने का तरीका : इसमें सिलेंडर के दोनों सिरों पर पोर्ट होते हैं। जब पिस्टन नीचे जा रहा होता है, तब एक तरफ से दबाव मिलता है, और जब वह वापस ऊपर आ रहा होता है, तब दूसरी तरफ से भी दबाव दिय...

NEP 2020 By Ramesh sir

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  For EMRS, KVS, NVS, DSSSB and Any Other Govt Teacher Recruitment: Ramesh sir (Global sgrl) राष्ट्रीय शिक्षा नीति  (NEP) 2020  का उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव लाना है, ताकि इसे अधिक  समावेशी, लचीला और कौशल-आधारित   बनाया जा सके। यह नीति   पहुंच, समता, गुणवत्ता, वहनीयता और जवाबदेही (Access, Equity, Quality, Affordability, and Accountability)   के पाँच स्तंभों पर आधारित है।   मुख्य विशेषताएं नई शैक्षणिक संरचना (5+3+3+4):  10+2 की पुरानी प्रणाली को बदलकर एक नई 5+3+3+4 पाठ्यचर्या संरचना लागू की गई है। 5 साल (बुनियादी चरण):  3 साल की प्री-स्कूल/आंगनवाड़ी और कक्षा 1 व 2। इसमें खेल-आधारित शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 3 साल (प्रारंभिक चरण):  कक्षा 3 से 5 तक, जिसमें धीरे-धीरे विज्ञान, गणित, कला आदि विषय पेश किए जाएंगे。 3 साल (मध्य चरण):  कक्षा 6 से 8 तक, जिसमें अधिक अमूर्त विषयों और व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत होगी। 4 साल (माध्यमिक चरण):  कक्षा 9 से 12 तक, जिसमें बहु-विषयक अध्ययन और गहन सोच को बढ़ावा दिया ...