Single acting and double acting Engine with Ramesh sir
Single acting और double acting इंजन में मुख्य अंतर यह है कि पिस्टन के किस तरफ गैस या फ्यूल का दबाव (force) काम कर रहा है । यहाँ इनका सरल विवरण दिया गया है: 1. Single Acting Engine इस इंजन में वर्किंग फ्लुइड (जैसे पेट्रोल, डीजल या गैस) पिस्टन के केवल एक ही तरफ काम करता है। काम करने का तरीका : पावर स्ट्रोक के दौरान फ्यूल का दबाव पिस्टन को एक ही दिशा में धकेलता है। पिस्टन को वापस अपनी पुरानी जगह लाने के लिए गुरुत्वाकर्षण (gravity) , स्प्रिंग , या फ्लाईव्हील (flywheel) की ऊर्जा का इस्तेमाल होता है। उदाहरण : कार, मोटरसाइकिल और लगभग सभी आम गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) सिंगल एक्टिंग होते हैं। 2. Double Acting Engine इसमें वर्किंग फ्लुइड पिस्टन के दोनों तरफ (बारी-बारी से) काम करता है। काम करने का तरीका : इसमें सिलेंडर के दोनों सिरों पर पोर्ट होते हैं। जब पिस्टन नीचे जा रहा होता है, तब एक तरफ से दबाव मिलता है, और जब वह वापस ऊपर आ रहा होता है, तब दूसरी तरफ से भी दबाव दिय...